डाउनलोड व्यंजन संधि के उदाहरण pdf

 हमारे शिक्षा ब्लॉग में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज की पोस्ट में हम व्यंजन संधि के उदाहरण के बारे में बात करेंगे ताकि सभी हिंदी छात्र व्यंजन संधि को आसानी से समझ सकें।


व्यंजन संधि के प्रश्न कक्षा 5 से 10 की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं और इस विषय से संबंधित प्रश्न सरकारी परीक्षाओं में भी काफी हद तक पूछे जाते हैं, इसलिए छात्रों के लिए इस व्यंजन संधि को समझना महत्वपूर्ण है।


व्यंजन संधि किसे कहते हैं

इससे पहले कि हम उदाहरण की तरफ की चले में आपको व्यंजन संधि कि परिभाषा के बारे में बता देता हु :


व्यंजन संधि के उदाहरण pdf
व्यंजन संधि के उदाहरण pdf



व्यंजन संधि दो प्रकार की होती है  :


1.) जब दो वर्गों के प्रथम वर्ण (क, च, ट, त, प) के बाद किसी वर्ग के तीसरे या चौथे वर्ण या य्, र्, ल्, व्, ह या कोई स्वर आ जाए तो प्रथम वर्ण अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण में परिवर्तित हो जाता है।


उदाहरण 

  • **क + ग = ङ (जैसे: काक + गण = कङण)
  • **च + ज = ञ (जैसे: छत्र + जगत = छञगत)
  • **ट + ड = ण (जैसे: तल + दण्ड = तणण्ड)
  • **त + द = द (जैसे: त्रि + दण्ड = **त्रिदण्ड)
  • **प + ब = म (जैसे: पति + भव = पतमभव)


2.) जब दो वर्गों के प्रथम वर्ण (क, च, ट, त, प) के बाद न या म आ जाए तो प्रथम वर्ण अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण में परिवर्तित हो जाता है।


उदाहरण:


  • **क + न = न (जैसे: काक + नदी = कन्नदी)
  • **च + न = न (जैसे: छत्र + नदी = छन्नदी)
  • **ट + म = म (जैसे: तल + मीन = **तम्मीन)



व्यंजन संधि के उदाहरण 

1.) क + ग = ङ


  • काक + गण = कङण
  • दिक् + गज = दिग्गज


2.) च + ज = ञ


  • छत्र + जगत = छञगत
  • अच् + अंत = अजंत


3.) ट + ड = ण


  • तल + दण्ड = तणण्ड
  • षट् + आनन = षडानन


4.) त + द = द


  • त्रि + दण्ड = त्रिदण्ड
  • सत् + गति = सद्गति


5.) प + ब = म


  • पति + भव = पतमभव
  • सम् + गम = संगम


व्यंजन संधि द्वितीय प्रकार के उदाहरण (क, च, ट, त, प के बाद न या म आने पर)


1.) क + न = न


  • काक + नदी = कन्नदी
  • सत् + नयन = सन्नयन


2.) च + न = न


  • छत्र + नदी = छन्नदी
  • तत् + नयना = तन्नयना

3.) ट + म = म


  • तल + मीन = तम्मीन
  • षट् + मूर्ति = षम्मूर्ति


4.) त + म = म


  • त्रि + मूर्ति = त्रिमूर्ति
  • सत् + मति = ससम्मति


व्यंजन संधि के 10 उदाहरण 


  • अधि + कारण = अधिकरण
  • अमृत + मय = अमृतमय
  • आकाश + गम = आकाशगम
  • आत्मा + रमण = आत्मरमण
  • इन्द्र + द्योत = इन्द्रद्योत
  • उन्नति + करण = उन्नतिकरण
  • उप + रक्षण = उपरक्षण
  • ऊर्जा + युक्त = ऊर्जयुक्त
  • उत् + पत्ति = उत्पत्ति
  • उप + करण = उपकरण


निष्कर्ष 


अपनी इस पोस्ट हमने व्यंजन संधि के कुछ उदाहरण को ऐड किया है जो आपको व्यंजन संधि समझने  में मददगार साबित होंगे। 



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